राहुल गांधी का तंज: “बच्चों की थाली तक चुरा ली बीजेपी ने”

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले के सरकारी स्कूल में वायरल मिड-डे मील वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
वीडियो में बच्चों को अख़बार पर खाना खाते हुए देखा गया — और इसने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है।

राहुल गांधी ने कहा — “जब से यह ख़बर देखी कि मध्य प्रदेश में बच्चों को मिड-डे मील अख़बार पर परोसा जा रहा है, दिल टूट गया। ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, और उन्हें इज़्ज़त की थाली तक नसीब नहीं।”

“20 साल की सरकार, बच्चों की थाली तक गायब”

राहुल गांधी ने राज्य में बीजेपी की दो दशकों से अधिक पुरानी सरकार पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा — “बीस साल से ज़्यादा बीजेपी की सरकार है और बच्चों की थाली तक चुरा ली गई। इनका विकास बस छलावा है, असली राज़ तो ‘व्यवस्था’ है।”

“विकास तो उड़नछू है, पर अख़बार अब ‘डाइनिंग प्लेट’ बन चुका है।” 🥲

मोदी और मोहन यादव पर भी बरसे राहुल

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी नहीं बख्शा।
उन्होंने कहा — “शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के भविष्य का पालन इस हालत में कर रहे हैं।”

यानी राहुल ने साफ कहा — “डबल इंजन सरकार में बच्चों को भी डबल परत का अख़बार मिल रहा है!”

वायरल वीडियो ने मचाई हलचल

यह वीडियो श्योपुर ज़िले के एक सरकारी स्कूल का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि बच्चों को प्लेट की जगह अख़बार पर दाल-चावल परोसा गया। यह दृश्य न सिर्फ़ मिड-डे मील योजना पर, बल्कि ‘स्वच्छ भारत’ और ‘बेटी बचाओ’ जैसे नारों पर भी सवाल खड़े करता है।

रेलवे स्टेशन पर कुत्ते, स्कूल में अख़बार की थाली — “कहीं न कहीं ‘विकास’ और ‘व्यवस्था’ दोनों ही छुट्टी पर लगते हैं।”

कांग्रेस का बड़ा एजेंडा या सच्ची चिंता?

राहुल गांधी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में हैं। क्योंकि शिक्षा, पोषण और सम्मान — यही वो तीन शब्द हैं जो लोकसभा चुनाव 2029 की दिशा तय कर सकते हैं।

राहुल गांधी का बयान सिर्फ़ राजनीति नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता पर एक करारा तंज है। देश के भविष्य को अगर अख़बार पर खाना मिल रहा है — तो शायद अब “विकास की हेडलाइन” भी उसी अख़बार में छपनी चाहिए।

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